आज के एपिसोड की शुरुआत में मोटी बा भावुक होकर कहती है कि हमने कभी भी अनुपमा जी का साथ नहीं दिया, बल्कि हर बार उन पर आरोप लगाए। वह मानती है कि उसने अनुपमा के साथ बहुत बदतमीज़ी की और यह भी स्वीकार करती है कि हर मुश्किल में अनुपमा ने अकेले ही लडाई लडी है।
पराग कहता है कि चाहे हालात कैसे भी हों, अनुपमा जी ने कभी गलत रास्ता नही चुना। मोटी बा कहती है कि अनुपमा जी हमारी समधन है, फिर भी हमने उनका अपमान ही किया है लेकिन आज हम खुद जाकर अनुपमा जी से माफ़ी मांगना चाहते है।
प्रेम कहता है कि आप लोगो ने हमेशा गौतम और माही की गलतियों को नज़रअंदाज़ किया, लेकिन कभी भी मम्मी को समझने की कोशिश नहीं की। ख्याति कहती है कि कही अनुपमा जी सभी रिश्तो को सही करके सबसे दूर ना चली जाए।
दूसरी तरफ अनुपमा चोल में लौटती है और राही से कहती है कि उसे एक कप चाय लाकर दे।
अनुपमा वरुण और प्रेरणा को बताती है कि उसकी रजनी से मुलाकात हुई है। प्रेरणा और वरुण रजनी के बारे में बात करने से साफ़ इनकार कर देते हैं। अनुपमा उनसे कहती है कि रजनी माफ मांग रही है और चाहती है कि उसके बच्चे उसे माफ कर दे। रजनी ने गलत किया है और तुम्हे पाप के रास्ते पर धकेला है। उसने जो कुछ भी किया लेकिन वो तुम्हारी माँ है।
अनुपमा कहती है कि अब रजनी की किस्मत का फैसला प्रेरणा और वरुण को ही करना होगा। रजनी मा की गरिमा नही निभा पाई लेकिन वरुण और प्रेरणा को संतान का फर्ज निभाना चाहिए।
प्रेरणा अनुपमा से पूछती है कि क्या आप चोल में ही रहोगी या चली जाओगी, क्योंकि वह भी अनुपमा के फैसले के अनुसार ही अपना रास्ता चुनेगी। यह सुनकर अनुपमा पूरी तरह से हैरान रह जाती है और कहती है कि मेरा सिर दर्द हो रहा है, मैं पहले चाय पीना चाहती हूं। सभी परेशान हो जाते है।
दूसरी तरफ कोठारी परिवार शाह हाउस आता है। मोटी बा लीला के बारे में पूछती है तो बाबुजी बताते है कि लीला मंदिर गयी है। बाबुजी मोटी बा को भरोसा दिलाते है कि वे प्रार्थना का अच्छे से खयाल रख रहे है। मोटी बा कहती है कि हम आपसे माफी मांगने आये है। तोषू धीरे से कहता है कि क्या पूरा परिवार एकसाथ पागल हो गया है?
मोटी बा कहती है कि हमने आप लोगो के साथ और अनुपमा जी के साथ जो किया है, उसके लिए हम बहुत शर्मिंदा है। पराग कहता है कि अनुपमा जी ने हमारे घर को बचाने के लिए जो किया है, उसके लिए हम उनके एहसानमंद है। तोषू धीरे से कहता है कि करोडों का घर बचाया है, धन्यवाद की जगह बीस-तीस लाख रुपये दे दो।
बाबुजी कहते है कि अच्छा हुआ कि लीला यहा नही है। लीला होती तो वो ताना जरूर मारती। मोटी बा कहती है कि आपके ताने भी हम स्वीकार करतें है। आप भी हमे माफ कर दीजिए। पराग अंश को गले लगाता है। सभी बेहद खुश होते है। मोटी बा अंश को जमाई जी कहती है और उसे आशीर्वाद देती है। पराग कहता है कि अंश भी अनुपमा जी की तरह मुसीबत में हमे छोडकर नही गया। प्रार्थना पराग के गले लगती है। पराग कहता है कि मैं मान गया हु कि तुम अपने ससुराल में ही खुश रहोगीं। तभी तोषू कहता है कि लेकिन मेरी बेटी आपके घर वापस नही आएगी। सभी हैरान होते है।
मोटी बा बहुत नरम लहजे में कहती है कि हम परी को पूरे मान सम्मान के साथ वापस ले जाना चाहते है। आप उसे मुंबई से वापस बुला लीजिये। लेकिन तोषू साफ मना करता है। किंजल कहती है कि ये फैसला सिर्फ परी करेगी। पराग पूछता है कि अनुपमा जी मुंबई में रहेगी या अहमदाबाद वापस आएगी। प्रेम कहता है कि राहि ने बताया कि किसी को भी नही पता कि मम्मी अब क्या करेगी।
दूसरी तरफ सभी भगवान की पूजा करते है। इसके बाद सभी जश्न मनाना शुरू करते है। अनुपमा सबके साथ डांस करती है। सभी चोल वाले अनुपमा से अनुरोध करते है कि वो कही नही जाए। चोल वाले अनुपमा को सम्मानित करते है और उससे माफी मांगते है। सभी मिलकर एकसाथ अनुपमा से अनुरोध करते है कि वह चोल छोडकर ना जाये। अनुपमा असमंजस में पड जाती है तभी अनुपमा को एक कॉल आता है। अनुपमा हैरान हो जाती है। राहि पूछती है कि क्या हुआ? अनुपमा कहती है कि मुझे तुरन्त जाना होगा। अनुपमा वहां से चली जाती है। सभी परेशान होते है। राहि कहती है कि मेरी मम्मी की जिंदगी में सुकून लिखा ही नही है।
दूसरी तरफ कोठारी परिवार घर को सजा रहे होते है। पराग और अनिल कहते है कि आज घर की हर चीज बहुत अच्छी लग रही है। मोटी बा खुश होकर प्रार्थना करती है कि श्रीनाथजी हमारे हर बच्चे को बुरी नजर से बचाये। सभी खुश होते है। प्रेम और राजा मोटी बा से मजाक करते है। इसी बीच माही और गौतम सामान लेकर वापस आते है। गौतम मोटी बा से कहता है कि हम जा रहे हैं। तभी पराग टोकता है और सर्वेन्ट से चाय बनाने के लिए कहता है। प्रेम ताना मारते हुए कहता है कि हमेशा से दो कप कम बनाना।
तभी माही चक्कर आने का नाटक करती है तो गौतम उसे सम्भालता है और कहता है कि शायद घर की टेंशन लेकर कमजोरी आ गयी है। ख्याति कहती है कि जब घर नीलाम हो रहा था तब तो तुम भागने के लिए तैयार थी और अब सब ठीक हो गया है तो तुम्हे चक्कर कैसे आने लग गए? गौतम कहता है कि मेरे पापा का कॉल आया था और उन्होंने हमे बुलाया था, हमने सोचा वहां सब ठीक हो जाएगा तो हम आपकी मदद करेंगे।
प्रेम कहता है कि इसका मतलब ये मुझे रिक्शा खरीदने का ताना देकर हमारे काम आना चाहते थे? राजा कहता है कि आज ये लंबी फेंकने के मूड में है। प्रेम और राजा गौतम को छेडते है। गौतम कहता है कि क्या मेरी कुछ बाते बुरी लगने से आप सबकुछ भुला देंगे? मैंने पहले सबकुछ छोडकर आपकी मदद की है।
प्रेम गौतम को ताना मारता है। गौतम कहता है कि जो मैने किया वो कोई दामाद नही करता है। मैंने आप लोगो पर एहसान किया है। माही कहती है कि गौतम जी ने मुझे अपनाकर भी एहसान किया है। आप लोग इन्हें मनाने की जगह इन्हें जाने कैसे दे रहे हो? ख्याति कहती है कि इससे अच्छा तो तुम चक्कर आने का नाटक कर लेती। प्रेम और राजा हसते हैं।
तभी पराग गौतम और माही को रुकने के लिए कहता है और कहता है कि तुम सामने रहोगे तो हमे याद रहेगा कि तुम तो हम पर एहसान कर रहे थे। मैं तुम्हारा एहसान भी जल्द ही उतार दूँगा। माही खुश होकर अंदर जाने लगती है तभी पराग उसे रोकता है और कहता है कि अंदर वाले कमरे उनके लिए है जो एहसान करके जताते नही है। आप लोग मेहमान है, आपके लिए गेस्ट रूम है। गौतम कहता है कि क्या हम उस छोटे कमरे में रहेंगे? पराग हा कहता है। प्रेम कहता है कि अगर नही रहना है तो मैं रिक्शा बुला लेता हूं। माही नाटक करती है और वहां रहने के लिए मान जाती है। गौतम धीरे से कहता है कि पराग कोठारी ने बहुत अच्छा गेम खेला है। इसी बीच ख्याति को कॉल आता है और वह हैरान होती है।
दूसरी तरफ अनुपमा प्रार्थना को लेकर शाह हाउस आती है और पता चलता है कि अनुपमा को चोल में अंश का कॉल आया था और उसने बताया था कि प्रार्थना को दर्द हो रहा है, शायद उसे बच्चा होने वाला है।
वर्तमान में अनुपमा प्रार्थना को बैठाती है और बताती है कि हम एयरपोर्ट से सीधे हॉस्पिटल चले गए थे। चिंता मत कीजिये सब ठीक है।
बाबुजी कहते है कि प्रार्थना बहुत जोर से चिल्लाई थी कि हम सब डर गए थे। अनुपमा कहती है कि प्रेगनेंसी में ये सब नोर्मल है। प्रार्थना कहती है कि अनु मा आ गयी है तो अब सब सही हो जाएगा। अनुपमा कहती है कि कोठारी परिवार भी परेशान हो गया होगा।
तभी मोटी बा आती है और कहती है कि आप आ गयी है तो परेशानी चली गयी है। अनुपमा सबको नमस्कार करती है और कहती है कि प्रार्थना अब एकदम ठीक है। मोटी बा अनुपमा को धन्यवाद करती है और कहती है कि आपका हम पर बहुत बडा एहसान है। अनुपमा खुश होती है। पराग भी अनुपमा को धन्यवाद कहता है। अनुपमा कहती है कि सत्य की लडाई में आप मेरे साथ थे। हम दोनो की जीत हुई है। पराग हाथ जोडकर अनुपमा को धन्यवाद करता है। अनुपमा खुश होती है और इसी के साथ एपिसोड खत्म हो जाता है।
अगले एपिसोड में देखने को मिलेगा कि पराग मोटी बा के जन्मदिन पर शाह परिवार को आमंत्रित करता है। प्रेम और राहि करीब आते है और राहि कहती है कि मुझे बच्चा नही चाहिए। मोटी बा ये बात सुन लेती है। इसके बाद शाह परिवार कोठारी हाउस आता है तो मीता परी को आने से रोकती है। सभी चौंक जाते है।


