Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi Written Update

आज के एपिसोड की शुरुआत में अजय तुलसी से मिलने आता है। अजय तुलसी को बताता है कि उनका पहला कनसाइनमेंट पूरा हो चुका है। अजय को परी के लिए बुरा लगता है। इस पर तुलसी अजय से कहती है कि परी अपने किए हुए कर्मों की सजा भुगत रही है, लेकिन आखिर में उसे भी सुधरने और आगे बढने का मौका जरूर मिलेगा। अजय और तुलसी चले जाते है।
दूसरी तरफ सुभाष रणविजय की चालाकी की तारीफ करता है। तभी सुभाष अजय और तुलसी को जाते हुए देखता है और उनकी फोटो लेकर रणविजय को भेजता है। रणविजय उन्हें देखकर चौंक जाता है। रणविजय सुभाष से कहता है कि वह अजय और तुलसी का पीछा करे और पता लगाए कि दोनों आखिर क्या कर रहे हैं? सुभाष उनके पीछे जाता है।
दूसरी तरफ अजय तुलसी को अपनी फैक्ट्री में कंसाइनमेंट दिखाने के लिए लेकर आता है। सुभाष भी चुपचाप उनका पीछा करता है। रणविजय आता है और वे दोनो अंदर जाते है।
दूसरी तरफ फैक्ट्री में वैष्णवी तुलसी को तैयार हुई साडिया दिखाती है। तुलसी वैष्णवी और बाकी लडकियों की मेहनत की तारीफ करती है। तुलसी गर्व से कहती है कि उसे सब लडकियों पर बहुत नाज है। वैष्णवी तुलसी को कहती है कि ये सब आपके साथ से ही मुमकिन हुआ है। वह बताती है कि अंगद और अजय ने उनकी बहुत मदद की है। रणविजय और सुभाष छुपकर उन्हें देखते रहते है। रणविजय उनकी बातें सुनने के लिए टेम्पो के पास छुपता है लेकिन उसे कुछ सुनाई नही देता। रणविजय टेम्पो के अंदर छुप जाता है। तुलसी टेम्पो के पास आती है तभी लाइट चली जाती है और लडकियां संदेह में पड जाती हैं। रणविजय टेम्पो में से निकलकर भाग जाता है लेकिन उससे एक बोक्स गिर जाता है। सभी हैरान होते है।
तभी लाइट वापस आतीं है। अजय कहता है कि फ्यूज खराब था तो लाइट कैसे आ गयी? तुलसी कहती है कि शायद लाइट ही गयी होगी। वैष्णवी कहती है कि यहा पर लाइट नही जाती है। आरती कहती है कि कही कुछ बुरा तो नही होने वाला है? तुलसी कहती है कि कुछ बुरा नही होगा, तुम सबने इतनी मेहनत की है, तो सब अच्छा ही होगा।
अजय सभी को भरोसा दिलाता है कि घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि वह सबके साथ है। अजय नवीन से कहता है कि कंसाइनमेंट एक्सपोर्टर को भेज दिया जाए। रणविजय ये सब सुन लेता है।
इधर तुलसी अजय को धन्यवाद कहती है तो अजय कहता है कि मुझे सिर्फ आपका आशीर्वाद चाहिए। तुलसी खुश होती है। यह सब देखकर रणविजय कहता है कि ओर्डर सिर्फ पूरा हुआ है लेकिन अभी माल पहुचा नही है और ये नही पहुचेगा। रणविजय माल ले जाने वाले टेम्पो का नम्बर नोट कर लेता है।
इसके बाद बाहर सुभाष रणविजय को कहता है कि अगर उसने फ्यूज नही निकाला होता तो रणविजय पकडा जाता। रणविजय उसे कहता है कि तुम्हे मेरा एक काम करना है। सुभाष मना करता है लेकिन रणविजय कहता है कि तुम्हे गाडी चाहिए थी ना, तुम मेरा काम करो। मैं उसकी डाउन पेमेंट करवा दूँगा। दोनो वहां से चले जाते है।
दूसरी तरफ रितिक ओफिस में होता है तभी रणविजय आता है और उससे फाइल मांगता है। रितिक साफ कहता है कि तुम एम्प्लोयी हो तो सिर्फ एम्प्लोयी बनकर रहो। रणविजय कहता है कि क्या तुम कोर्ट का फैसला भूल रहे हो? मेरे पास भी कम्पनी के शेयर्स है और इसका मतलब मैं भी कंपनी का मालिक हूँ। रितिक रणविजय को नजरअंदाज करके जाने लगता है। तभी रणविजय उसे रोकता है और कहता है कि तुम इतने परेशान इसीलिए रहते हो क्योकि तुम अपनी शादी से नाखुश हो। तुम्हारी पत्नी में ही प्रोब्लम है, वो बहुत बेहूदा औरत है। रणविजय रितिक को सलाह देता है कि तुम अपनी पत्नी पर जोर से हाथ उठा दो, फिर वह अपनी औकात में आ जायेगी। रितिक कहता है कि तुम जैसे घटिया सोच वाले ही ऐसी बाते कर सकते है। मेरी माँ ने मुझे सिखाया है कि हिम्मत हाथ उठाने में नही बल्कि सब्र करने में है और मैं वही कर रहा हूँ। जिस दिन मेरा हाथ किसी औरत पर उठ गया, उस दिन मैं अपनी नजरो में नही उठा पाऊंगा।
रितिक रणविजय से साफ कहता है कि तुम आगे से मुझसे बात मत करना और ऐसी सलाह मत देना वरना मेरा हाथ उठ जाएगा। रणविजय गुस्से में कहता है कि ऐसा करने की गलती मत करना। दोनो में बहस होती है तभी नोइना आकर दोनो को रोकती है और कहती है कि एक दूसरे का लिहाज करो। रितिक ताना मारकर चला जाता है।
नोइना रणविजय से कहती है कि मैंने तुम्हारी मदद की है, अब तुम मुझे निराश मत करना। रणविजय कहता है कि मेरी मदद करने में आपका भी फायदा था। मुझे जिताने के चक्कर मे आप किसी को हराना चाहती थी। नोइना स्वीकार करती है कि वह तुलसी को हराना चाहती थी। रणविजय कहता है कि तुलसी ओर्डर पूरा करने वाली है। नोइना कहती है कि उसकी बेटी की जिंदगी नरक बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों में इतना कुछ हुआ है, उसे ओर्डर पूरा करने का समय ही नही है।
नोइना जाने लगती है तभी रणविजय कहता है कि ओर्डर पूरा हो चुका है। नोइना हैरान होती है और कहती है कि ऐसा नही हो सकता। रणविजय कन्फर्म करता है कि मुंबई में ओर्डर पूरा हो चुका है और इसमें अजय ने तुलसी की मदद की है। यह सुनकर नोइना परेशान हो जाती है।
रणविजय नोइना से कहता है कि मैं आपकी उसकी मदद कर सकता हूँ। नोइना पूछती है कि कैसे करोगे? रणविजय कहता है कि हमे माल सही जगह नही पहुचने देना है। वह नोइना से कहता है कि आप चिंता मत करो, मैं सब हैंडल कर लूंगा। रणविजय चला जाता है।

इसके बाद रणविजय सुभाष को आदेश देता है कि टेम्पो पर नजर रखे और बन्धेज की कंसाइनमेंट रोकना है।

दूसरी तरफ नोइना पार्थ से कहती है कि बडे ओर्डर्स पूरे करने के लिए हमारे प्लांट्स तैयार करो। पार्थ कारण पूछता है लेकिन नोइना उसे कारण नही बताती।
इसके बाद मिहिर आकर उससे कारण पूछता है तो नोइना बताती है कि जल्द ही तुलसी का ओर्डर उसके हाथ आ जाएगा। नोइना मिहिर को याद दिलाती है कि तुलसी कोर्ट केस में उलझी हुई है इसलिए वह ओर्डर पूरा नही कर पायेगी। मिहिर नोइना को छेडता है कि तुम तो दुसरो का हक छीनने में माहिर हो।
नोइना कहती है कि तुम ये गोल गोल घुमाकर बाते करते हो, वो मुझे सब समझ आता है। मिहिर मजाक में कहता है कि ऐसा है तो तुम मेरी बाते दिल पर मत लिया करो। मैं तो मजाक करता हूँ। मिहिर ऐसे दिखाता है कि उसे तुलसी के नुकसान से कोई फर्क नही पडता।
नोइना बताती है कि वह कंपनी के एमडी से मीटिंग कराने वाली है। मिहिर कहता है कि उसे पूरा भरोसा है कि नोइना यह ओर्डर जरूर लेकर आएगी।

दूसरी तरफ वैष्णवी बेचैन हो जाती है क्योंकि अजय अब तक नहीं पहुंचा है। तुलसी भी टेम्पो का बेसब्री से इंतजार कर रही होती है। रणविजय सुभाष को फोन पर प्लान पूरा करने का इशारा देता है। सुभाष टेम्पो का पीछा करता है। रास्ते मे टेम्पो रुकता है तो सुभाष उसमें पेट्रोल छिडक देता है और साडियो को आग लगा देता है। देखते ही देखते पूरी कंसाइनमेंट जलकर राख हो जाती है। रणविजय वीडियो कॉल पर यह सब देख रहा होता है।

दूसरी तरफ तुलसी बेचैन हो जाती है। अंगद तुलसी को टेम्पो में आग लगने की खबर देता है। इधर रणविजय नोइना को यह खबर बताता है और नोइना खुशी से भर जाती है। नोइना कहती है कि तुलसी को वापस अंजार चले जाना चाहिए।

दूसरी तरफ वैष्णवी बताती है कि टेम्पो पहुंच चुका है। तुलसी हैरान होती है। अजय तुलसी को बताता है कि रास्ते मे टेम्पो खराब हो गया था इसलिए सामान दूसरे टेम्पो में लेकर आया हूँ।
अजय तुलसी से कहता है कि वह बाद में सब समझाएगा।
क्लाइंट ओर्डर देखकर खुश होता है और तुलसी की तारीफ करता है।
इसके बाद तुलसी अजय से पूछती है कि आखिर हुआ क्या था?अजय बताता है कि उसे खबर मिली थी कि कोई उनके टेम्पो को नुकसान पहुचाना चाहता है, इसलिए उसने सामान दूसरे टेम्पो में शिफ्ट कर दिया।

इसके बाद क्लाइंट तुलसी के काम की तारीफ करता है और तुलसी को दस लाख साडियो का ओर्डर देता है। सभी लडकिया बेहद खुश हो जाती है। ये सब सुनकर की नोइना की सारी उम्मीदें टूट जाती हैं और वह सोचती है कि तुलसी को इतना बडा ओर्डर कैसे मिल गया? इसी के साथ एपिसोड खत्म हो जाता है।

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